फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाले 2 लाख 50 हजार से भी अधिक कर्मचारी हड़ताल पर चले गए

मंगलवार 16 अगस्त ,मुंबई.फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एंप्लॉयज की हड़ताल का असर फिल्मो और धारावाहिकों सहित तमाम फ़िल्मी गतिविधियों पर पड़ रही है इस हड़ताल की वजह से देश भर में कई फिल्मो और धारावाहिकों सहित रियलिटी शोज की शूटिंग कैंसिल करनी पड़ी.उल्लेखनीय है कि मंगलवार को फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाले 2  लाख 50 हजार से  भी अधिक कर्मचारी  हड़ताल पर चले गए.बुधवार को हड़ताली कर्मचारियों ने मुंबई के गोरेगाव स्थित फिल्मसिटी  स्टूडियो के गेट के बहार जम कर हंगामा किया.हड़ताली कर्मचारियों ने इस दौरान किसी भी कलाकार को स्टूडियो के अंदर नहीं जाने दिया और गेट के सामने सड़क पर बैठ गए.स्थिति पर नियंत्रण करने और उन्हें वहां से हटाने गई पुलिस के साथ हड़ताली कर्मचारियों की झड़प  होने की भी सूचना है. फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एंप्लॉयज (FWICE)  के हड़ताल का फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े अन्य  22 यूनियनो ने भी समर्थन दिया है. हड़ताल की वजह से बुधवार को ‘अमिताभ बच्चन की होस्ट वाली चर्चित टीवी रियलिटी शो ‘ कौन बनेगा करोड़पति ‘ और द कपिल शर्मा शो की शूटिंग कैंसिल कर दी गयी. इस हड़ताल में बॉलीवुड सहित देश भर की विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओँ की फिल्म इंडस्ट्री के  स्पॉट बॉय, जूनियर आर्टिस्ट, तकनीशियन, कैमरामैन, आर्ट डाइरेक्टर, सेट डिजाइनर, स्टाइल फोटोग्राफर, स्टंट मास्टर, मेक-अप आर्टिस्ट  और  कॉस्ट्यूम सप्लायर शामिल हैं. फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एंप्लॉयज (FWICE ) के अध्यक्ष बीएन तिवारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वे अपनी मांगो पर अडिग हैं और जब तक फ़िल्म निर्माता हमारी मांगे नही पूरी करते. हम हड़ताल से वापस नही लौटेंगे.उन्होंने बताया की हड़ताल में जाने से पहले ही फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एंप्लॉयज (FWICE)  ने इंडियन मोशन पिक्चर्स प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन, इंडियन फिल्म एंड टीवी प्रोड्यूसर्स काउंसिल, वेस्टर्न इंडिया फिल्म प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन, फिल्म एंड टेलीविजन प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया और दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी (फिल्मसिटी ) को इस सम्बन्ध में नोटिस जारी कर दिया गया था.उन्होंने इसे फिल्म कामगारों , टैक्निशियनों और कलाकारों की हक़ की लड़ाई बताते हुए अपनी मांगों की जानकारी दी.उनकी मांगों में प्रमुख है काम की शिफ्ट 8 घंटे तय की जाये और उसके बाद अतिरिक्त घंटे के लिए डबल पेमेंट दिया जाये .हर क्राफ्ट के सभी कामगारों, टैक्निशियनों और कलाकारों आदि की चाहे वह मंथली हो या डेलीपेड उनकी पारिश्रमिक में तत्काल बढ़ोतरी की जाय.बिना किसी अग्रीमेंट के काम पर प्रतिबन्ध लगाया जाय.न्यूनतम तय पारिश्रमिक से कम रेट पर किये गए अग्रीमेंट को अग्रीमेंट नहीं माना जाय.कामगारों को उनके काम का पूरा मुआवजा दिया जाय.पेमेंट समय पर किया जाना तय हो.यानि शूटिंग ख़तम होने के बाद तुरत उनके पेमेंट की भुगतान की जाय. शूटिंग लोकेशन पर स्वच्छता और शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराइ जाय .तथा कामगारों की सुरक्षा एवं अच्छे भोजन आदि की व्यस्था की जाय.बात चित के क्रम में बी एन तिवारी ने कहा कि इंडस्ट्री कि बड़ी विडम्बना है शूटिंग के दौरान 16 से 18 घंटे काम कराया जाता है.वर्कर्स का शोषण किया जाता है,न खाने कि अच्छी व्यस्था होती है और न ही सोने का इंतजाम और तो और शूटिंग पूरी हो जाने के  6 -७ महीने बाद उन्हें पेमेंट मिल पता है.बुधवार को फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एंप्लॉयज (FWICE ) सहित अन्य संगठनो केके कर्मियों के तेवर को देखते हुए अनुमान लगाया जा सकता है कि उनकी हड़ताल लम्बी खिंच सकती है.

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